टोक्यो। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (Satwiksairaj Rankireddy & Chirag Shetty) की भारतीय पुरुष डबल्स जोड़ी ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी से हारने के कारण विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप (Badminton World Championship) में अपना पहला कांस्य पदक जीतकर अभियान का अंत किया.
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सेमीफाइनल में मिली हार
विश्व में सातवें नंबर की भारतीय जोड़ी पहले गेम में जीत का फायदा नहीं उठा पाई और 77 मिनट तक चले मैच में 22-20, 18-21, 16-21 से हार गई. यह सात्विक और चिराग की मलेशियाई जोड़ी के हाथों लगातार छठी हार है. इस महीने के शुरू में राष्ट्रमंडल खेलों के मिक्स्ड टीम फाइनल में भी उन्हें इस जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा था.
इस हार के बावजूद भारतीय जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और भारत का एक पदक सुनिश्चित किया. भारत ने 2011 के बाद इस प्रतियोगिता में हमेशा पदक जीता है. यह भारत का विश्व चैंपियनशिप में डबल्स में दूसरा पदक है. इससे पहले ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2011 में महिला डबल्स में कांस्य पदक जीता था.
भारत का यह विश्व चैंपियनशिप में कुल मिलाकर 13वां पदक है. पीवी सिंधू ने 2019 में स्वर्ण पदक सहित इस प्रतियोगिता में कुल पांच पदक जीते हैं जबकि साइना नेहवाल ने एक रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया है. इनके अलावा किदांबी श्रीकांत ने रजत, लक्ष्य सेन, बी साई प्रणीत और प्रकाश पादुकोण ने कांस्य पदक जीते हैं.
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