यूरो चैंपियन इटली वर्ल्‍ड कप खेलने को मोहताज, इंग्लैंड ने 10 गोल दागकर कटाया टिकट

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नई दिल्ली। फुटबॉल का मिनी विश्व कप कहे जाने वाले यूरो कप 2020 का खिताब इसी साल अपने नाम करने वाली इटली को बड़ा झटका लगा है. यूरोप की चैंपियन टीम अगले साल कतर में होने वाले 2022 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी और उसे अब फिर से क्वालीफायर दौर से गुजरना पड़ेगा. वहीं उसकी जगह इग्लैंड और स्विट्जरलैंड ने अगले साल कतर में होने वाले फीफा विश्व कप फुटबॉल के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है.

 

इटली को चाहिए थे तीन गोल 
इटली ने उत्तरी आयरलैंड के खिलाफ अपना मैच गोलरहित ड्रा खेला जिससे यूरोपीय चैंपियन अपने क्वालीफाईंग ग्रुप में स्विट्जरलैंड के बाद दूसरे स्थान पर रहा. इस मैच में इटली अगर तीन गोल्ड दाग देता तो उसे सीधा फीफा विश्व कप में जाने से कोई नहीं रोक सकता था. हालंकि ऐसा कुछ नहीं हुआ और इसके उलट स्विट्जरलैंड ने बुल्गारिया को 4-0 से हराकर इटली को पीछे छोड़ा और ग्रुप सी में शीर्ष पर रहकर शान से विश्व कप में जगह बनाई. इटली और स्विट्जरलैंड अपने अंतिम मैच में समान 15 अंकों के साथ उतरे थे. इटली गोल अंतर के कारण ग्रुप में शीर्ष पर था लेकिन मैच ड्रा खेलने से उसकी सीधे क्वालीफाई करने की उम्मीदों पर पानी फिर गया.

 

चार साल पहले भी क्वालिफाई नहीं कर सका था इटली 
इटली की बात करें तो यह पहली बार नहीं है जबा वह फीफा विश्व कप के लिए सीधा क्वालीफाई नहीं कर सका है. इससे पहले भी साल 2018 फीफा विश्व कप के लिए इटली की टीम स्वीडन से हारकर विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी. अब 12 टीमों के क्वालीफायर दौर में खेलते हुए इटली को शीर्ष तीन में जगह बनानी होगी. तभी वह आगामी 2022 फीफा विश्व कप के प्रमुख दौर में खेलती नजर आएगी.

 

इंग्लैंड ने 10 गोल दागकर विश्व कप के लिए ठोका दावा 
स्विट्जरलैंड की तरह इंग्लैंड ने भी कतर का सीधा टिकट कटाया. उसने सैन मैरिनो को 10-0 से करारी शिकस्त देकर ग्रुप आइ में शीर्ष स्थान हासिल किया. इंग्लैंड ने क्वालीफाईंग में 39 गोल किए जो किसी भी टीम से सर्वाधिक हैं.

 

57 साल बाद इंग्लैंड ने किया ऐसा कारनामा 
इंग्लैंड की तरफ से उनके कप्तान और स्ट्राइकर खिलाड़ी हैरी केन ने चार गोल किये जिससे इंग्लैंड की तरफ से उनके कुल गोल की संख्या 48 हो गई. अब वह वायने रूनी के राष्ट्रीय रिकार्ड से अब केवल पांच गोल पीछे हैं. केन ने अपने सभी गोल पहले हॉफ में किए. इस तरह यह 1964 के बाद पहला अवसर है जबकि इंग्लैंड ने किसी मैच में अपने गोल की संख्या दोहरे अंक में पहुंचाई. केन के अलावा हैरी मैगुआयर, एमिली स्मिथ रोव, टायरन मिंग्स, टैम अब्राहम और बुकायो साका ने भी गोल किए.

स्कॉटलैंड ने ग्रुप एफ के विजेता डेनमार्क को 2-0 से हराकर क्वालीफाईंग में उसका विजय अभियान थामा. इससे स्कॉटलैंड भी इटली की तरह प्लेऑफ में वरीय टीम के रूप में भाग लेगा. इंग्लैंड के ग्रुप में पोलैंड आखिरी मैच में हंगरी से 2-1 से हारने के बावजूद दूसरे स्थान पर रहा और उसे प्लेऑफ में पहला मैच विदेशी धरती पर खेलना पड़ सकता है.

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